Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 5.20.22: सुमुखी! आज मैं आपके श्रृंगार से विभूषित सुन्दर रूप को देख रहा हूँ। कृपया मुझ पर अपनी कृपा बरसाएँ और श्रृंगार से अलंकृत हों॥ 22॥   |   ramayan सर्ग 5.20: रावण का सीताजी को प्रलोभन   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 20: रावण का सीताजी को प्रलोभन  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  5.20.22 
साधु पश्यामि ते रूपं सुयुक्तं प्रतिकर्मणा।
प्रतिकर्माभिसंयुक्ता दाक्षिण्येन वरानने॥ २२॥
 
 
अनुवाद
सुमुखी! आज मैं आपके श्रृंगार से विभूषित सुन्दर रूप को देख रहा हूँ। कृपया मुझ पर अपनी कृपा बरसाएँ और श्रृंगार से अलंकृत हों॥ 22॥
 
Sumukhi! Today I am looking at your beautiful form adorned with makeup. Please shower your generosity on me and adorn yourself with makeup.॥ 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)