श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 20: रावण का सीताजी को प्रलोभन  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  5.20.16 
भव मैथिलि भार्या मे मोहमेतं विसर्जय।
बह्वीनामुत्तमस्त्रीणां ममाग्रमहिषी भव॥ १६॥
 
 
अनुवाद
'मिथिलेशकुमारी! तुम मेरी पत्नी बन जाओ। पतिव्रता होने का मोह त्याग दो। मेरी अनेक सुन्दर रानियाँ हैं। तुम उनमें श्रेष्ठ रानी बनो।॥16॥
 
‘Mithileshkumari! You become my wife. Leave this attachment of being faithful to your husband. I have many beautiful queens. You become the best queen among them.॥ 16॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd