Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.19.22: सुन्दर पलकों और लाल, श्वेत तथा विशाल नेत्रों वाली, मिथिला की गुणवान एवं पतिव्रता पुत्री सीता, श्रीराम में अत्यन्त आसक्त थीं और इधर-उधर देखकर विलाप कर रही थीं। उन्हें इस अवस्था में देखकर राक्षसराज रावण ने उन्हें अपने वध के लिए प्रलोभित करने का प्रयत्न किया। | ramayan सर्ग 5.19: रावण को देखकर दुःख, भय और चिन्ता में डूबी हुई सीता की अवस्था का वर्णन । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सुन्दर पलकों और लाल, श्वेत तथा विशाल नेत्रों वाली, मिथिला की गुणवान एवं पतिव्रता पुत्री सीता, श्रीराम में अत्यन्त आसक्त थीं और इधर-उधर देखकर विलाप कर रही थीं। उन्हें इस अवस्था में देखकर राक्षसराज रावण ने उन्हें अपने वध के लिए प्रलोभित करने का प्रयत्न किया।
Sita, the virtuous and chaste daughter of Mithila, with beautiful eyelashes and red, white and large eyes, was deeply attached to Shri Ram and was weeping while looking here and there. Seeing her in this state, the demon king Ravana tried to entice her for his own murder.
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये सुन्दरकाण्डे एकोनविंश: सर्ग:॥ १९॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके सुन्दरकाण्डमें उन्नीसवाँ सर्ग पूरा हुआ॥ १९॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥