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ramayan 5.18.14: रावण के पीछे एक और स्त्री चल रही थी, जिसके हाथ में एक सुनहरी छड़ी और पूर्ण चन्द्रमा तथा राजहंस जैसा सफेद छत्र था।   |   ramayan सर्ग 5.18: अपनी स्त्रियों से घिरे हुए रावण का अशोकवाटिका में आगमन और हनुमान जी का उसे देखना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.18.14 
राजहंसप्रतीकाशं छत्रं पूर्णशशिप्रभम्।
सौवर्णदण्डमपरा गृहीत्वा पृष्ठतो ययौ॥ १४॥
 
 
अनुवाद
रावण के पीछे एक और स्त्री चल रही थी, जिसके हाथ में एक सुनहरी छड़ी और पूर्ण चन्द्रमा तथा राजहंस जैसा सफेद छत्र था।
 
Another woman was following Ravana, holding a golden stick and a white umbrella resembling the full moon and the royal swan.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)