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ramayan 5.17.9: वहाँ विकृत शरीर वाली, काली और पीली, क्रोधी और झगड़ालू बहुत-सी राक्षसियाँ थीं। वे सब-की-सब काले लोहे के बने बड़े-बड़े भाले, कुल्हाड़ियाँ और गदाएँ लिए हुए थीं॥9॥   |   ramayan सर्ग 5.17: भयंकर राक्षसियों से घिरी हुई सीता के दर्शन से हनुमान जी का प्रसन्न होना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 17: भयंकर राक्षसियों से घिरी हुई सीता के दर्शन से हनुमान जी का प्रसन्न होना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.17.9 
विकृता: पिंगला: काली: क्रोधना: कलहप्रिया:।
कालायसमहाशूलकूटमुद‍्गरधारिणी:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
वहाँ विकृत शरीर वाली, काली और पीली, क्रोधी और झगड़ालू बहुत-सी राक्षसियाँ थीं। वे सब-की-सब काले लोहे के बने बड़े-बड़े भाले, कुल्हाड़ियाँ और गदाएँ लिए हुए थीं॥9॥
 
There were many demonesses with deformed bodies, black and yellow, short-tempered and quarrelsome. All of them were carrying large spears, axes and maces made of black iron.॥9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)