Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.17.6: कुछ के शरीर बहुत बड़े थे, कुछ के शरीर बहुत सुंदर थे। कुछ की गर्दन पतली और लंबी थी। कुछ के बाल झड़ गए थे, तो कुछ के माथे पर बाल ही नहीं थे। कुछ राक्षसनियाँ अपने बालों का कम्बल ओढ़े हुए थीं। | ramayan सर्ग 5.17: भयंकर राक्षसियों से घिरी हुई सीता के दर्शन से हनुमान जी का प्रसन्न होना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अतिकायोत्तमांगीं च तनुदीर्घशिरोधराम्।
ध्वस्तकेशीं तथाकेशीं केशकम्बलधारिणीम्॥ ६॥
अनुवाद
कुछ के शरीर बहुत बड़े थे, कुछ के शरीर बहुत सुंदर थे। कुछ की गर्दन पतली और लंबी थी। कुछ के बाल झड़ गए थे, तो कुछ के माथे पर बाल ही नहीं थे। कुछ राक्षसनियाँ अपने बालों का कम्बल ओढ़े हुए थीं।
Some had very large bodies and some had very fine ones. Some had thin and long necks. Some had lost their hair and some had no hair on their foreheads. Some demonesses were wearing a blanket of their own hair.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥