Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.17.27: यद्यपि देवी सीता का मुख विनम्रता से भरा हुआ था, तथापि जब उन्होंने अपने पति की महिमा का स्मरण किया, तो वह विनम्रता उनके हृदय से लुप्त हो गई। काली आँखों वाली सीता अपने शील के कारण सुरक्षित थीं। 27. | ramayan सर्ग 5.17: भयंकर राक्षसियों से घिरी हुई सीता के दर्शन से हनुमान जी का प्रसन्न होना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यद्यपि देवी सीता का मुख विनम्रता से भरा हुआ था, तथापि जब उन्होंने अपने पति की महिमा का स्मरण किया, तो वह विनम्रता उनके हृदय से लुप्त हो गई। काली आँखों वाली सीता अपने शील के कारण सुरक्षित थीं। 27.
Though Devi Sita's face was full of humility, yet that humility vanished from her heart when she remembered her husband's glory. Sita with her black eyes was protected by her modesty. 27.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥