श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 17: भयंकर राक्षसियों से घिरी हुई सीता के दर्शन से हनुमान जी का प्रसन्न होना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  5.17.26 
मलिनेन तु वस्त्रेण परिक्लिष्टेन भामिनीम्।
संवृतां मृगशावाक्षीं ददर्श हनुमान् कपि:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
कपिवर हनुमान्‌ने सीता, मृग और बछड़े को मैले और पुराने वस्त्रों से ढकी हुई उस अवस्था में देखा॥26॥
 
Kapivar Hanuman saw Sita, the female deer and female calf, covered with dirty and old clothes, in that state. 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)