Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.17.23-24: जैसे वीणा अपने स्वामी की उँगलियों के स्पर्श से वंचित होकर मूक और अनुपयोगी अवस्था में पड़ी रहती है, उसी प्रकार सीता भी पति से विमुख होकर महान् दुःख में पहुँच गई थीं, जो उनके लिए उचित नहीं था। पति की सेवा में सदैव तत्पर रहने वाली सीता राक्षसों के वश में रहने के योग्य नहीं थीं; फिर भी उनकी यह दशा थी। अशोक वाटिका में रहते हुए भी वे शोक के सागर में डूबी हुई थीं। क्रूर ग्रह से पीड़ित रोहिणी के समान वे वहाँ उन राक्षसों से घिरी हुई थीं। हनुमान जी ने उन्हें देखा। वे पुष्पहीन लता के समान निराश्रित हो रही थीं। | ramayan सर्ग 5.17: भयंकर राक्षसियों से घिरी हुई सीता के दर्शन से हनुमान जी का प्रसन्न होना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे वीणा अपने स्वामी की उँगलियों के स्पर्श से वंचित होकर मूक और अनुपयोगी अवस्था में पड़ी रहती है, उसी प्रकार सीता भी पति से विमुख होकर महान् दुःख में पहुँच गई थीं, जो उनके लिए उचित नहीं था। पति की सेवा में सदैव तत्पर रहने वाली सीता राक्षसों के वश में रहने के योग्य नहीं थीं; फिर भी उनकी यह दशा थी। अशोक वाटिका में रहते हुए भी वे शोक के सागर में डूबी हुई थीं। क्रूर ग्रह से पीड़ित रोहिणी के समान वे वहाँ उन राक्षसों से घिरी हुई थीं। हनुमान जी ने उन्हें देखा। वे पुष्पहीन लता के समान निराश्रित हो रही थीं।
Just as a Veena, deprived of the touch of its master's fingers, lies mute and unfit, in a state of disuse, similarly, Sita, being away from her husband, had reached a state of great distress, which was not befitting of her. Sita, who was always ready to serve her husband, was not fit to be under the control of demons; yet she was in that condition. Even while living in the Ashok Vatika, she was drowned in an ocean of grief. Like Rohini, struck by a cruel planet, she was surrounded by those demons there. Hanuman ji saw her. She was becoming destitute like a flowerless creeper. 23-24.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥