Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.17.22: जैसे अपने झुंड से बिछड़ी हुई हथिनी, पति के स्नेह से बंधी हुई और सिंह द्वारा बंधी हुई, रावण द्वारा बंदी बनाए जाने पर सीता की भी यही स्थिति थी। वह वर्षा ऋतु बीत जाने के बाद शरद ऋतु के श्वेत बादलों से घिरी हुई चंद्ररेखा के समान प्रतीत हो रही थी। | ramayan सर्ग 5.17: भयंकर राक्षसियों से घिरी हुई सीता के दर्शन से हनुमान जी का प्रसन्न होना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे अपने झुंड से बिछड़ी हुई हथिनी, पति के स्नेह से बंधी हुई और सिंह द्वारा बंधी हुई, रावण द्वारा बंदी बनाए जाने पर सीता की भी यही स्थिति थी। वह वर्षा ऋतु बीत जाने के बाद शरद ऋतु के श्वेत बादलों से घिरी हुई चंद्ररेखा के समान प्रतीत हो रही थी।
Just as a female elephant separated from her herd, bound by the affection of her husband and restrained by a lion, Sita was in the same condition when she was held captive by Ravana. She appeared like the moon-like line surrounded by white clouds of autumn after the rainy season had passed.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥