Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.16.19: ‘अपने पति के प्रेम के कारण उसने समस्त सांसारिक सुखों का त्याग कर दिया था और कष्टों की परवाह न करके श्री रघुनाथजी के साथ एकान्त वन में आ गई थी।॥19॥ | ramayan सर्ग 5.16: हनुमान जी का मन-ही-मन सीताजी के शील और सौन्दर्य की सराहना करते हुए उन्हें कष्ट में पड़ी देख स्वयं भी उनके लिये शोक करना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘अपने पति के प्रेम के कारण उसने समस्त सांसारिक सुखों का त्याग कर दिया था और कष्टों की परवाह न करके श्री रघुनाथजी के साथ एकान्त वन में आ गई थी।॥19॥
‘For the sake of her love for her husband she had given up all worldly pleasures and without caring about hardships had come to the lonely forest with Sri Raghunath.॥ 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥