Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.14.49: यह प्रातःकालीन संध्या (पूजा) का समय है। जनक की पुत्री, सुंदर सीता, जो चिरयौवन से युक्त हैं और सदैव सोलह वर्ष की आयु की हैं, संध्याकालीन पूजा के लिए इस पवित्र नदी के तट पर अवश्य आएंगी। | ramayan सर्ग 5.14: हनुमान जी का अशोकवाटिका में प्रवेश करके उसकी शोभा देखना तथा एक अशोकवृक्ष पर छिपे रहकर वहीं से सीता का अनुसन्धान करना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह प्रातःकालीन संध्या (पूजा) का समय है। जनक की पुत्री, सुंदर सीता, जो चिरयौवन से युक्त हैं और सदैव सोलह वर्ष की आयु की हैं, संध्याकालीन पूजा के लिए इस पवित्र नदी के तट पर अवश्य आएंगी।
This is the time for the morning Sandhya (worship). The beautiful Sita, the daughter of Janaka, who has eternal youth and is always as young as a sixteen year old, will certainly come to the bank of this holy river for the evening worship.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥