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ramayan 5.14.38: इसके अलावा उन्होंने कई अन्य खुले मैदान, पहाड़ी झरने और आग की तरह चमकते सुनहरे पेड़ भी देखे।   |   ramayan सर्ग 5.14: हनुमान जी का अशोकवाटिका में प्रवेश करके उसकी शोभा देखना तथा एक अशोकवृक्ष पर छिपे रहकर वहीं से सीता का अनुसन्धान करना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.14.38 
सोऽपश्यद् भूमिभागांश्च नगप्रस्रवणानि च।
सुवर्णवृक्षानपरान् ददर्श शिखिसंनिभान्॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
इसके अलावा उन्होंने कई अन्य खुले मैदान, पहाड़ी झरने और आग की तरह चमकते सुनहरे पेड़ भी देखे।
 
Besides this he also saw many other open fields, mountain waterfalls and golden trees glowing like fire.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)