Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 5.14.32: उस पर्वत से थोड़ी ही दूरी पर श्रेष्ठ पवनपुत्र हनुमान्‌जी ने अनेक कमलयुक्त सरोवर देखे जिनमें नाना प्रकार के पक्षी कलरव कर रहे थे॥32॥   |   ramayan सर्ग 5.14: हनुमान जी का अशोकवाटिका में प्रवेश करके उसकी शोभा देखना तथा एक अशोकवृक्ष पर छिपे रहकर वहीं से सीता का अनुसन्धान करना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 14: हनुमान जी का अशोकवाटिका में प्रवेश करके उसकी शोभा देखना तथा एक अशोकवृक्ष पर छिपे रहकर वहीं से सीता का अनुसन्धान करना  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  5.14.32 
तस्यादूरात् स पद्मिन्यो नानाद्विजगणायुता:।
ददर्श कपिशार्दूलो हनूमान् मारुतात्मज:॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
उस पर्वत से थोड़ी ही दूरी पर श्रेष्ठ पवनपुत्र हनुमान्‌जी ने अनेक कमलयुक्त सरोवर देखे जिनमें नाना प्रकार के पक्षी कलरव कर रहे थे॥32॥
 
At a short distance from that mountain, Hanuman, the son of the best wind, saw many lotus-filled lakes in which different types of birds were chirping. 32॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)