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ramayan 5.14.29: महाबली हनुमान ने उस पर्वत से एक नदी गिरती देखी, जो ऐसी लग रही थी मानो उनकी प्रेमिका अपने प्रियतम की गोद से कूदकर गिर रही हो।   |   ramayan सर्ग 5.14: हनुमान जी का अशोकवाटिका में प्रवेश करके उसकी शोभा देखना तथा एक अशोकवृक्ष पर छिपे रहकर वहीं से सीता का अनुसन्धान करना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 14: हनुमान जी का अशोकवाटिका में प्रवेश करके उसकी शोभा देखना तथा एक अशोकवृक्ष पर छिपे रहकर वहीं से सीता का अनुसन्धान करना  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  5.14.29 
ददर्श च नगात् तस्मान्नदीं निपतितां कपि:।
अंकादिव समुत्पत्य प्रियस्य पतितां प्रियाम्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
महाबली हनुमान ने उस पर्वत से एक नदी गिरती देखी, जो ऐसी लग रही थी मानो उनकी प्रेमिका अपने प्रियतम की गोद से कूदकर गिर रही हो।
 
Hanuman, the great monkey, saw a river falling from that mountain, which looked like his beloved jumping and falling from the lap of her beloved.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)