Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.14.20: जैसे वर्षा ऋतु में वायु अपने वेग से बादलों को छिन्न-भिन्न कर देती है, उसी प्रकार महाबली हनुमान जी ने अपने वेग से वहाँ फैली हुई विशाल लताओं और लताओं के छत्र को छिन्न-भिन्न कर दिया। | ramayan सर्ग 5.14: हनुमान जी का अशोकवाटिका में प्रवेश करके उसकी शोभा देखना तथा एक अशोकवृक्ष पर छिपे रहकर वहीं से सीता का अनुसन्धान करना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे वर्षा ऋतु में वायु अपने वेग से बादलों को छिन्न-भिन्न कर देती है, उसी प्रकार महाबली हनुमान जी ने अपने वेग से वहाँ फैली हुई विशाल लताओं और लताओं के छत्र को छिन्न-भिन्न कर दिया।
Just as the wind breaks up the clouds with its force during the monsoon, so Hanuman, the great monkey, broke up the canopy of the huge creepers and vines that were spreading there with his force.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥