Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.14.2: उस दीवार पर बैठे हुए महाकवि हनुमान के सभी अंगों में आनंद की लहर दौड़ गई। वसन्त ऋतु के आगमन पर उन्होंने वहाँ अनेक प्रकार के वृक्ष देखे, जिनकी डालियाँ फूलों के भार से लदी हुई थीं। | ramayan सर्ग 5.14: हनुमान जी का अशोकवाटिका में प्रवेश करके उसकी शोभा देखना तथा एक अशोकवृक्ष पर छिपे रहकर वहीं से सीता का अनुसन्धान करना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस दीवार पर बैठे हुए महाकवि हनुमान के सभी अंगों में आनंद की लहर दौड़ गई। वसन्त ऋतु के आगमन पर उन्होंने वहाँ अनेक प्रकार के वृक्ष देखे, जिनकी डालियाँ फूलों के भार से लदी हुई थीं।
Sitting on that boundary wall, the great ape Hanuman felt a thrill of joy in all his limbs. At the beginning of spring, he saw many kinds of trees there, the tops of whose branches were laden with the weight of flowers.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥