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ramayan 5.14.16: वे फलदार वृक्ष महाबली हनुमानजी के हिलाने पर तुरन्त ही अपने फल, फूल और पत्ते त्याग देते थे। ॥16॥   |   ramayan सर्ग 5.14: हनुमान जी का अशोकवाटिका में प्रवेश करके उसकी शोभा देखना तथा एक अशोकवृक्ष पर छिपे रहकर वहीं से सीता का अनुसन्धान करना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 14: हनुमान जी का अशोकवाटिका में प्रवेश करके उसकी शोभा देखना तथा एक अशोकवृक्ष पर छिपे रहकर वहीं से सीता का अनुसन्धान करना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  5.14.16 
हनूमता वेगवता कम्पितास्ते नगोत्तमा:।
पुष्पपत्रफलान्याशु मुमुचु: फलशालिन:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
वे फलदार वृक्ष महाबली हनुमानजी के हिलाने पर तुरन्त ही अपने फल, फूल और पत्ते त्याग देते थे। ॥16॥
 
Those fruit-bearing trees would immediately abandon their fruits, flowers and leaves when shaken by the mighty Hanuman. ॥16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)