Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.14.1: महाबली हनुमानजी क्षण भर तक इसी प्रकार सोचते रहे, तत्पश्चात् मन में सीता का ध्यान करते हुए रावण के महल से कूदकर अशोक वाटिका की चारदीवारी पर चढ़ गए॥1॥ | ramayan सर्ग 5.14: हनुमान जी का अशोकवाटिका में प्रवेश करके उसकी शोभा देखना तथा एक अशोकवृक्ष पर छिपे रहकर वहीं से सीता का अनुसन्धान करना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाबली हनुमानजी क्षण भर तक इसी प्रकार सोचते रहे, तत्पश्चात् मन में सीता का ध्यान करते हुए रावण के महल से कूदकर अशोक वाटिका की चारदीवारी पर चढ़ गए॥1॥
The mighty Hanuman kept thinking in this manner for a moment. Thereafter, meditating on Sita in his mind, he jumped from Ravana's palace and climbed the boundary wall of the Ashok Vatika.॥1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥