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ramayan 5.13.46: यदि मैं सीता को खोजे बिना लौट जाऊँगा तो समस्त वानरों सहित अंगद भी जीवित नहीं बचेंगे।’ 46.   |   ramayan सर्ग 5.13: सीताजी के नाश की आशंका से हनुमान्जी की चिन्ता, श्रीराम को सीता के न मिलने की सचना देने से अनर्थ की सम्भावना देख हनुमान का पुनः खोजने का विचार करना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 13: सीताजी के नाश की आशंका से हनुमान्जी की चिन्ता, श्रीराम को सीता के न मिलने की सचना देने से अनर्थ की सम्भावना देख हनुमान का पुनः खोजने का विचार करना  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  5.13.46 
यदि तु प्रतिगच्छामि सीतामनधिगम्य ताम्।
अंगद: सहित: सर्वैर्वानरैर्न भविष्यति॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
यदि मैं सीता को खोजे बिना लौट जाऊँगा तो समस्त वानरों सहित अंगद भी जीवित नहीं बचेंगे।’ 46.
 
If I return without finding Sita, then Angad along with all the monkeys will not survive.' 46.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)