श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 13: सीताजी के नाश की आशंका से हनुमान्जी की चिन्ता, श्रीराम को सीता के न मिलने की सचना देने से अनर्थ की सम्भावना देख हनुमान का पुनः खोजने का विचार करना  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  5.13.27 
पुत्रान् मृतान् समीक्ष्याथ न भविष्यन्ति मातर:।
कौसल्या च सुमित्रा च कैकेयी च न संशय:॥ २७॥
 
 
अनुवाद
चारों पुत्रों की इस प्रकार मृत्यु देखकर कौशल्या, सुमित्रा और कैकेयी - ये तीनों माताएँ भी निःसंदेह अपने प्राण त्याग देंगी॥ 27॥
 
Seeing the death of all the four sons in this manner, the three mothers - Kausalya, Sumitra and Kaikeyi - will undoubtedly give up their lives too.॥ 27॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd