श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 13: सीताजी के नाश की आशंका से हनुमान्जी की चिन्ता, श्रीराम को सीता के न मिलने की सचना देने से अनर्थ की सम्भावना देख हनुमान का पुनः खोजने का विचार करना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  5.13.16 
जनकस्य कुले जाता रामपत्नी सुमध्यमा।
कथमुत्पलपत्राक्षी रावणस्य वशं व्रजेत्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
जनक के कुल में जन्मी और भगवान राम की पत्नी, नीलकमल के समान नेत्रों वाली सीता, रावण के अधीन कैसे हो सकती हैं?॥ 16॥
 
How can Sita, who was born in the family of Janaka and is the wife of Lord Rama, who has eyes like blue lotus, be subordinate to Ravana?॥ 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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