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ramayan 5.12.23: महाबाहु पवनकुमार हनुमान्‌ने अन्य अनेक सुन्दर स्त्रियों को देखा, परन्तु सीताजी को नहीं देखा, इसलिए वे अत्यन्त दुःखी हुए॥ 23॥   |   ramayan सर्ग 5.12: सीता के मरण की आशंका से हनुमान्जी का शिथिल होना, फिर उत्साह का आश्रय ले उनकी खोज करना और कहीं भी पता न लगने से पुनः उनका चिन्तित होना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 12: सीता के मरण की आशंका से हनुमान्जी का शिथिल होना, फिर उत्साह का आश्रय ले उनकी खोज करना और कहीं भी पता न लगने से पुनः उनका चिन्तित होना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  5.12.23 
सोऽपश्यंस्तां महाबाहु: पश्यंश्चान्या वरस्त्रिय:।
विषसाद महाबाहुर्हनूमान् मारुतात्मज:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
महाबाहु पवनकुमार हनुमान्‌ने अन्य अनेक सुन्दर स्त्रियों को देखा, परन्तु सीताजी को नहीं देखा, इसलिए वे अत्यन्त दुःखी हुए॥ 23॥
 
Mahabahu Pawankumar Hanuman saw many other beautiful women, but he did not see Sitaji. Therefore, he became very sad.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)