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ramayan 5.12.22: वहाँ पवनपुत्र ने उन नाग कन्याओं को देखा जिन्हें राक्षसराज नाग सेना को बलपूर्वक मंथन करके लाए थे; परन्तु उन्हें जानकी नहीं दिखीं।   |   ramayan सर्ग 5.12: सीता के मरण की आशंका से हनुमान्जी का शिथिल होना, फिर उत्साह का आश्रय ले उनकी खोज करना और कहीं भी पता न लगने से पुनः उनका चिन्तित होना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 12: सीता के मरण की आशंका से हनुमान्जी का शिथिल होना, फिर उत्साह का आश्रय ले उनकी खोज करना और कहीं भी पता न लगने से पुनः उनका चिन्तित होना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  5.12.22 
प्रमथ्य राक्षसेन्द्रेण नागकन्या बलाद‍्धृता:।
दृष्टा हनुमता तत्र न सा जनकनन्दिनी॥ २२॥
 
 
अनुवाद
वहाँ पवनपुत्र ने उन नाग कन्याओं को देखा जिन्हें राक्षसराज नाग सेना को बलपूर्वक मंथन करके लाए थे; परन्तु उन्हें जानकी नहीं दिखीं।
 
There the son of Pawana saw the serpent girls brought by the demon king after churning the serpent army by force; but he did not see Janaki.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)