Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.12.16: वे घरों के दरवाज़े खोलते, बंद करते, कुछ घरों में घुसकर इधर-उधर देखते और फिर बाहर आ जाते। वे उछल-कूद करते और हर जगह ढूँढ़ने लगते। | ramayan सर्ग 5.12: सीता के मरण की आशंका से हनुमान्जी का शिथिल होना, फिर उत्साह का आश्रय ले उनकी खोज करना और कहीं भी पता न लगने से पुनः उनका चिन्तित होना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे घरों के दरवाज़े खोलते, बंद करते, कुछ घरों में घुसकर इधर-उधर देखते और फिर बाहर आ जाते। वे उछल-कूद करते और हर जगह ढूँढ़ने लगते।
They would open the doors of houses, close them, enter some houses and look around and then come out. They would jump up and down and start searching everywhere.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥