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ramayan 5.12.15: वह भूमिगत मकानों में, चौराहों पर बने मंडपों में और मकानों को पार करके थोड़ी-थोड़ी दूरी पर बने आलीशान भवनों में सीता को ढूँढ़ने लगा। वह किसी मकान के ऊपर चढ़ता, किसी से नीचे कूदता, कहीं रुकता और चलते-चलते किसी को देखता॥15॥   |   ramayan सर्ग 5.12: सीता के मरण की आशंका से हनुमान्जी का शिथिल होना, फिर उत्साह का आश्रय ले उनकी खोज करना और कहीं भी पता न लगने से पुनः उनका चिन्तित होना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 12: सीता के मरण की आशंका से हनुमान्जी का शिथिल होना, फिर उत्साह का आश्रय ले उनकी खोज करना और कहीं भी पता न लगने से पुनः उनका चिन्तित होना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  5.12.15 
भूमीगृहांश्चैत्यगृहान् गृहातिगृहकानपि।
उत्पतन् निपतंश्चापि तिष्ठन् गच्छन् पुन: क्वचित्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
वह भूमिगत मकानों में, चौराहों पर बने मंडपों में और मकानों को पार करके थोड़ी-थोड़ी दूरी पर बने आलीशान भवनों में सीता को ढूँढ़ने लगा। वह किसी मकान के ऊपर चढ़ता, किसी से नीचे कूदता, कहीं रुकता और चलते-चलते किसी को देखता॥15॥
 
He started looking for Sita in the underground houses, in the pavilions built on the crossroads and in the luxurious buildings built at a little distance by crossing the houses. He would climb on top of some house, jump down from some, stop somewhere and see someone while walking.॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)