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ramayan 5.12.13-14: पुस्तकालय, पुष्पशाला, कलाशाला, क्रीड़ास्थल, बगीचे की गलियाँ और पुष्पक आदि विमान - इन सबका मैंने चप्पे-चप्पे पर निरीक्षण कर लिया है (अब अन्यत्र खोज करूँगा)। ऐसा विचारकर वह पुनः खोज करने लगा॥13-14॥   |   ramayan सर्ग 5.12: सीता के मरण की आशंका से हनुमान्जी का शिथिल होना, फिर उत्साह का आश्रय ले उनकी खोज करना और कहीं भी पता न लगने से पुनः उनका चिन्तित होना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 12: सीता के मरण की आशंका से हनुमान्जी का शिथिल होना, फिर उत्साह का आश्रय ले उनकी खोज करना और कहीं भी पता न लगने से पुनः उनका चिन्तित होना  »  श्लोक 13-14
 
 
श्लोक  5.12.13-14 
आपानशाला विचितास्तथा पुष्पगृहाणि च।
चित्रशालाश्च विचिता भूय: क्रीडागृहाणि च॥ १३॥
निष्कुटान्तररथ्याश्च विमानानि च सर्वश:।
इति संचिन्त्य भूयोऽपि विचेतुमुपचक्रमे॥ १४॥
 
 
अनुवाद
पुस्तकालय, पुष्पशाला, कलाशाला, क्रीड़ास्थल, बगीचे की गलियाँ और पुष्पक आदि विमान - इन सबका मैंने चप्पे-चप्पे पर निरीक्षण कर लिया है (अब अन्यत्र खोज करूँगा)। ऐसा विचारकर वह पुनः खोज करने लगा॥13-14॥
 
The library, the flower gallery, the art gallery, the play area, the alleys of the garden and the aircrafts like Pushpak etc. - I have inspected every inch of them (I will now search elsewhere).' Thinking this, he began to search again.॥ 13-14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)