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ramayan 5.12.11: उत्साह ही जीवों को सब प्रकार के कार्य करने के लिए प्रेरित करता है और जो कुछ वे करते हैं, उसमें उन्हें सफलता प्रदान करता है॥11॥   |   ramayan सर्ग 5.12: सीता के मरण की आशंका से हनुमान्जी का शिथिल होना, फिर उत्साह का आश्रय ले उनकी खोज करना और कहीं भी पता न लगने से पुनः उनका चिन्तित होना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 12: सीता के मरण की आशंका से हनुमान्जी का शिथिल होना, फिर उत्साह का आश्रय ले उनकी खोज करना और कहीं भी पता न लगने से पुनः उनका चिन्तित होना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  5.12.11 
अनिर्वेदो हि सततं सर्वार्थेषु प्रवर्तक:।
करोति सफलं जन्तो: कर्म यच्च करोति स:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
उत्साह ही जीवों को सब प्रकार के कार्य करने के लिए प्रेरित करता है और जो कुछ वे करते हैं, उसमें उन्हें सफलता प्रदान करता है॥11॥
 
Enthusiasm is what motivates living beings to perform all kinds of tasks and it is what gives them success in whatever they do.॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)