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ramayan 5.11.9: दूसरे स्थान पर भी उन्होंने हजारों सुन्दर कन्याओं को सोता हुआ देखा, जो आपस में लेटी हुई अपनी सुन्दरता की चर्चा कर रही थीं॥9॥   |   ramayan सर्ग 5.11: हनुमान जी का पुनः अन्तःपुर में और उसकी पानभूमि में सीता का पता लगाना, धर्मलोप की आशंका और स्वतः उसका निवारण होना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 11: हनुमान जी का पुनः अन्तःपुर में और उसकी पानभूमि में सीता का पता लगाना, धर्मलोप की आशंका और स्वतः उसका निवारण होना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.11.9 
अन्यत्रापि वरस्त्रीणां रूपसंलापशायिनाम्।
सहस्रं युवतीनां तु प्रसुप्तं स ददर्श ह॥ ९॥
 
 
अनुवाद
दूसरे स्थान पर भी उन्होंने हजारों सुन्दर कन्याओं को सोता हुआ देखा, जो आपस में लेटी हुई अपनी सुन्दरता की चर्चा कर रही थीं॥9॥
 
In another place too he saw thousands of beautiful girls sleeping, who were lying down discussing their beauty among themselves.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)