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ramayan 5.11.6: कई महिलाएं ढोल, मृदंग और चेलिका नामक वाद्यों पर अपना शरीर टिकाकर सो गईं, और अन्य महिलाएं अच्छे बिस्तरों पर सो रही थीं।   |   ramayan सर्ग 5.11: हनुमान जी का पुनः अन्तःपुर में और उसकी पानभूमि में सीता का पता लगाना, धर्मलोप की आशंका और स्वतः उसका निवारण होना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 11: हनुमान जी का पुनः अन्तःपुर में और उसकी पानभूमि में सीता का पता लगाना, धर्मलोप की आशंका और स्वतः उसका निवारण होना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  5.11.6 
मुरजेषु मृदंगेषु चेलिकासु च संस्थिता:।
तथाऽऽस्तरणमुख्येषु संविष्टाश्चापरा: स्त्रिय:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
कई महिलाएं ढोल, मृदंग और चेलिका नामक वाद्यों पर अपना शरीर टिकाकर सो गईं, और अन्य महिलाएं अच्छे बिस्तरों पर सो रही थीं।
 
Many women fell asleep resting their bodies on the instruments called dhol, mridanga and chelika, and other women were sleeping on nice beds.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)