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ramayan 5.11.37: उन सोई हुई स्त्रियों को देखकर महाकपि हनुमान्‌जी धर्म से भयभीत हो गए और उनके हृदय में महान् संदेह उत्पन्न हो गया ॥37॥   |   ramayan सर्ग 5.11: हनुमान जी का पुनः अन्तःपुर में और उसकी पानभूमि में सीता का पता लगाना, धर्मलोप की आशंका और स्वतः उसका निवारण होना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 11: हनुमान जी का पुनः अन्तःपुर में और उसकी पानभूमि में सीता का पता लगाना, धर्मलोप की आशंका और स्वतः उसका निवारण होना  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  5.11.37 
निरीक्षमाणश्च ततस्ता: स्त्रिय: स महाकपि:।
जगाम महतीं शंकां धर्मसाध्वसशंकित:॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
उन सोई हुई स्त्रियों को देखकर महाकपि हनुमान्‌जी धर्म से भयभीत हो गए और उनके हृदय में महान् संदेह उत्पन्न हो गया ॥37॥
 
Looking at those sleeping women, the great ape Hanuman became fearful of Dharma. A great doubt arose in his heart. ॥ 37॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)