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ramayan 5.11.30: एक असहाय स्त्री, नींद की शक्ति से पराजित होकर, दूसरी स्त्री के कपड़े उतारकर पहन लेती है, उसके पास जाती है, उसे गले लगाती है और सो जाती है। 30.   |   ramayan सर्ग 5.11: हनुमान जी का पुनः अन्तःपुर में और उसकी पानभूमि में सीता का पता लगाना, धर्मलोप की आशंका और स्वतः उसका निवारण होना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 11: हनुमान जी का पुनः अन्तःपुर में और उसकी पानभूमि में सीता का पता लगाना, धर्मलोप की आशंका और स्वतः उसका निवारण होना  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  5.11.30 
काचिच्च वस्त्रमन्यस्या अपहृत्योपगुह्य च।
उपगम्याबला सुप्ता निद्राबलपराजिता॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
एक असहाय स्त्री, नींद की शक्ति से पराजित होकर, दूसरी स्त्री के कपड़े उतारकर पहन लेती है, उसके पास जाती है, उसे गले लगाती है और सो जाती है। 30.
 
A helpless woman, defeated by the power of sleep, took off the clothes of another woman, wore them, went to her, embraced her and fell asleep. 30.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)