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ramayan 5.11.15-16: वानरराज हनुमान ने देखा कि मोर, मुर्गी, सूअर, गैंडा, साही, हिरण और मोर का मांस बड़े-बड़े सुनहरे बर्तनों में दही और नमक के साथ रखा हुआ था। उन्हें अभी तक खाया नहीं गया था।   |   ramayan सर्ग 5.11: हनुमान जी का पुनः अन्तःपुर में और उसकी पानभूमि में सीता का पता लगाना, धर्मलोप की आशंका और स्वतः उसका निवारण होना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 11: हनुमान जी का पुनः अन्तःपुर में और उसकी पानभूमि में सीता का पता लगाना, धर्मलोप की आशंका और स्वतः उसका निवारण होना  »  श्लोक 15-16
 
 
श्लोक  5.11.15-16 
रौक्मेषु च विशालेषु भाजनेष्वप्यभक्षितान्।
ददर्श कपिशार्दूलो मयूरान् कुक्कुटांस्तथा॥ १५॥
वराहवाध्रीणसकान् दधिसौवर्चलायुतान्।
शल्यान् मृगमयूरांश्च हनुमानन्ववैक्षत॥ १६॥
 
 
अनुवाद
वानरराज हनुमान ने देखा कि मोर, मुर्गी, सूअर, गैंडा, साही, हिरण और मोर का मांस बड़े-बड़े सुनहरे बर्तनों में दही और नमक के साथ रखा हुआ था। उन्हें अभी तक खाया नहीं गया था।
 
The monkey king Hanuman saw the meat of peacock, chicken, pig, rhinoceros, porcupine, deer and peacock kept in large golden vessels mixed with curd and salt. They had not been eaten yet.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)