श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 10: हनुमान जी का अन्तःपुर में सोये हुए रावण तथा गाढ़ निद्रा में पड़ी हुई उसकी स्त्रियों को देखना तथा मन्दोदरी को सीता समझकर प्रसन्न होना  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  5.10.38 
अन्या कक्षगतेनैव मड्डुकेनासितेक्षणा।
प्रसुप्ता भामिनी भाति बालपुत्रेव वत्सला॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
काली आँखों वाली दूसरी भामिनी मद्दुक (एक विशेष छोटा वाद्य यंत्र) बगल में दबाए सो गई थी। वह ऐसी लग रही थी मानो कोई माँ अपने बेटे को गोद में लिए सो रही हो।
 
The other Bhaamini with the black eyes had fallen asleep with the Madduk (a special small musical instrument) tucked in her armpit. She appeared as if a mother loving her son was sleeping with her little child in her lap.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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