स सागरं दानवपन्नगायुतं
बलेन विक्रम्य महोर्मिमालिनम्।
निपत्य तीरे च महोदधेस्तदा
ददर्श लंकाममरावतीमिव॥ २१३॥
अनुवाद
इस प्रकार राक्षसों और सर्पों से भरे हुए तथा बड़ी-बड़ी लहरों से सुशोभित समुद्र को बलपूर्वक पार करके वे उसके तट पर उतरे और लंका की शोभा देखने लगे, जो अमरावती के समान ही सुशोभित थी।
Thus, having forcefully crossed the ocean, which was infested with demons and serpents and adorned with large and turbulent waves, they landed on its shore and began to behold the beauty of Lanka, which was as decorated as Amaravati.
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये सुन्दरकाण्डे प्रथम: सर्ग:॥ १॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके सुन्दरकाण्डमें पहला सर्ग पूरा हुआ॥ १॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥