Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 5.1.143: इस प्रकार इन्द्र द्वारा दिया हुआ वरदान पाकर मैनाक उसी समय जल में डूब गया और हनुमान् उसी क्षण समुद्र के उस क्षेत्र को पार कर गए ॥143॥   |   ramayan सर्ग 5.1: हनुमान् जी के द्वारा समुद्र का लङ्घन, मैनाक के द्वारा उनका स्वागत, सुरसा पर उनकी विजय तथा सिंहिका का वध,लंका की शोभा देखना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 1: हनुमान् जी के द्वारा समुद्र का लङ्घन, मैनाक के द्वारा उनका स्वागत, सुरसा पर उनकी विजय तथा सिंहिका का वध,लंका की शोभा देखना  »  श्लोक 143
 
 
श्लोक  5.1.143 
स वै दत्तवर: शैलो बभूवावस्थितस्तदा।
हनूमांश्च मुहूर्तेन व्यतिचक्राम सागरम्॥ १४३॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार इन्द्र द्वारा दिया हुआ वरदान पाकर मैनाक उसी समय जल में डूब गया और हनुमान् उसी क्षण समुद्र के उस क्षेत्र को पार कर गए ॥143॥
 
Having thus received the boon given by Indra, Mainaka at that time became immersed in water and Hanuman crossed that region of the ocean at the same moment. ॥143॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)