Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.8.32: श्री राम! बहुत समय पहले की बात है, उस बलवान स्त्री ने कठोर शब्दों से मेरा अपमान किया और मुझे बलपूर्वक मेरे राज्य (युवराजपद) से निकाल दिया॥ 32॥ | ramayan सर्ग 4.8: सुग्रीव का श्रीराम से अपना दुःख निवेदन करना और श्रीराम का उन्हें आश्वासन देते हुए दोनों भाइयों में वैर होने का कारण पूछना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पुराहं वालिना राम राज्यात् स्वादवरोपित:।
परुषाणि च संश्राव्य निर्धूतोऽस्मि बलीयसा॥ ३२॥
अनुवाद
श्री राम! बहुत समय पहले की बात है, उस बलवान स्त्री ने कठोर शब्दों से मेरा अपमान किया और मुझे बलपूर्वक मेरे राज्य (युवराजपद) से निकाल दिया॥ 32॥
Shri Ram! It happened long ago, the strong woman insulted me with harsh words and forcibly removed me from my kingdom (the position of a crown prince).॥ 32॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥