Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.8.3: हे प्रभु! निष्पाप श्री राम! आप जैसे सहायक की सहायता से देवताओं का राज्य भी प्राप्त हो सकता है; फिर खोया हुआ राज्य पुनः प्राप्त कर लेना कोई बड़ी बात नहीं है। | ramayan सर्ग 4.8: सुग्रीव का श्रीराम से अपना दुःख निवेदन करना और श्रीराम का उन्हें आश्वासन देते हुए दोनों भाइयों में वैर होने का कारण पूछना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे प्रभु! निष्पाप श्री राम! आप जैसे सहायक की सहायता से देवताओं का राज्य भी प्राप्त हो सकता है; फिर खोया हुआ राज्य पुनः प्राप्त कर लेना कोई बड़ी बात नहीं है।
Lord! Sinless Shri Ram! With the help of a helper like you, even the kingdom of the gods can be achieved; then it is not a big deal to regain one's lost kingdom.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥