Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.7.24: इस प्रकार एकान्त में एक-दूसरे के निकट बैठकर वह पुरुष और वानर (श्री राम और सुग्रीव) एक-दूसरे से अपने-अपने सुख-दुःख की बातें करने लगे, जो एक-दूसरे के लिए उचित थीं।॥24॥ | ramayan सर्ग 4.7: सुग्रीव का श्रीराम को समझाना तथा श्रीराम का सुग्रीव को उनकी कार्य सिद्धि का विश्वास दिलाना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार एकान्त में एक-दूसरे के निकट बैठकर वह पुरुष और वानर (श्री राम और सुग्रीव) एक-दूसरे से अपने-अपने सुख-दुःख की बातें करने लगे, जो एक-दूसरे के लिए उचित थीं।॥24॥
Thus, sitting close to each other in solitude, the man and the monkey (Shri Rama and Sugreeva) spoke to each other about their joys and sorrows, which were appropriate for each other. ॥24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥