Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.7.20: इस समय जो कुछ भी तुम्हें करना आवश्यक हो, उसे भी बिना किसी संकोच के मुझसे कहो। जैसे वर्षा ऋतु में अच्छे खेत में बोया गया बीज अवश्य फल देता है, उसी प्रकार तुम्हारी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होंगी।॥ 20॥ | ramayan सर्ग 4.7: सुग्रीव का श्रीराम को समझाना तथा श्रीराम का सुग्रीव को उनकी कार्य सिद्धि का विश्वास दिलाना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मया च यदनुष्ठेयं विस्रब्धेन तदुच्यताम्।
वर्षास्विव च सुक्षेत्रे सर्वं सम्पद्यते तव॥ २०॥
अनुवाद
इस समय जो कुछ भी तुम्हें करना आवश्यक हो, उसे भी बिना किसी संकोच के मुझसे कहो। जैसे वर्षा ऋतु में अच्छे खेत में बोया गया बीज अवश्य फल देता है, उसी प्रकार तुम्हारी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होंगी।॥ 20॥
‘Also tell me without any hesitation whatever is necessary for you to do at this time. Just like a seed sown in a good field during the rainy season surely yields fruit, in the same way all your wishes will be fulfilled.॥ 20॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥