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ramayan 4.7.2: प्रभु! उस नीच कुल में उत्पन्न पापी राक्षस का गुप्त निवास कहाँ है, उसमें कितना बल है, उसका पराक्रम क्या है, अथवा वह किस वंश का है - ये सब बातें मैं बिल्कुल नहीं जानता॥ 2॥   |   ramayan सर्ग 4.7: सुग्रीव का श्रीराम को समझाना तथा श्रीराम का सुग्रीव को उनकी कार्य सिद्धि का विश्वास दिलाना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  4.7.2 
न जाने निलयं तस्य सर्वथा पापरक्षस:।
सामर्थ्यं विक्रमं वापि दौष्कुलेयस्य वा कुलम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
प्रभु! उस नीच कुल में उत्पन्न पापी राक्षस का गुप्त निवास कहाँ है, उसमें कितना बल है, उसका पराक्रम क्या है, अथवा वह किस वंश का है - ये सब बातें मैं बिल्कुल नहीं जानता॥ 2॥
 
Prabhu! Where is the secret abode of that sinful demon born in a low caste family, how much power does he have, what is his prowess, or what lineage does he belong to - I do not know all these things at all.॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)