Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.67.5: उस समय बड़े-बड़े वृद्ध वानरों के मुख से अपनी स्तुति सुनकर और यश से परिपूर्ण होकर हनुमान्जी का रूप अत्यन्त सुन्दर दिखाई दे रहा था॥5॥ | ramayan सर्ग 4.67: हनुमान जी का समुद्र लाँघने के लिये उत्साह प्रकट करना, जाम्बवान् के द्वारा उनकी प्रशंसा तथा वेगपूर्वक छलाँग मारने के लिये हनुमान जी का महेन्द्र पर्वत पर चढ़ना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय बड़े-बड़े वृद्ध वानरों के मुख से अपनी स्तुति सुनकर और यश से परिपूर्ण होकर हनुमान्जी का रूप अत्यन्त सुन्दर दिखाई दे रहा था॥5॥
Hanuman ji's form appeared very beautiful at that time, listening to his praise from the mouths of great and old monkeys and being filled with glory. 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥