Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.67.30-31h: हनुमान जी के वचन ऐसे थे कि उन्होंने उनके भाइयों का शोक नष्ट कर दिया। उन्हें सुनकर वानर सेनापति जाम्बवान बहुत प्रसन्न हुए। उन्होंने कहा -॥30 1/2॥ | ramayan सर्ग 4.67: हनुमान जी का समुद्र लाँघने के लिये उत्साह प्रकट करना, जाम्बवान् के द्वारा उनकी प्रशंसा तथा वेगपूर्वक छलाँग मारने के लिये हनुमान जी का महेन्द्र पर्वत पर चढ़ना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हनुमान जी के वचन ऐसे थे कि उन्होंने उनके भाइयों का शोक नष्ट कर दिया। उन्हें सुनकर वानर सेनापति जाम्बवान बहुत प्रसन्न हुए। उन्होंने कहा -॥30 1/2॥
Hanuman ji's words were such that they destroyed the grief of his brothers. Hearing them, the monkey commander Jambvan was very happy. He said -॥ 30 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥