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श्लोक 4.67.19  |
लतानां विविधं पुष्पं पादपानां च सर्वश:।
अनुयास्यति मामद्य प्लवमानं विहायसा॥ १९॥ |
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| अनुवाद |
| आज जब मैं आकाश में तेजी से उड़ूंगा, तो मेरे साथ-साथ लताओं और वृक्षों के विविध पुष्प भी उड़ेंगे॥19॥ |
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| ‘Today, as I fly rapidly through the sky, various flowers from creepers and trees will fly along with me.॥ 19॥ |
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