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ramayan 4.66.25: तुम पर आक्रमण हुआ है, यह देखकर सुगन्ध के देवता वायुदेव अत्यन्त क्रोधित हो गए और उन्होंने तीनों लोकों में बहना बंद कर दिया॥ 25॥   |   ramayan सर्ग 4.66: जाम्बवान् का हनुमानजी को उनकी उत्पत्ति कथा सुनाकर समुद्रलङ्घन के लिये उत्साहित करना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  4.66.25 
ततस्त्वां निहतं दृष्ट्वा वायुर्गन्धवह: स्वयम्।
त्रैलोक्यं भृशसंक्रुद्धो न ववौ वै प्रभञ्जन:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
तुम पर आक्रमण हुआ है, यह देखकर सुगन्ध के देवता वायुदेव अत्यन्त क्रोधित हो गए और उन्होंने तीनों लोकों में बहना बंद कर दिया॥ 25॥
 
You have been attacked, and seeing this the god of fragrance, Vayu, became very angry. That god of breeze stopped flowing in the three worlds.॥ 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)