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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड
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सर्ग 66: जाम्बवान् का हनुमानजी को उनकी उत्पत्ति कथा सुनाकर समुद्रलङ्घन के लिये उत्साहित करना
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श्लोक 16
श्लोक
4.66.16
सा तु तत्रैव सम्भ्रान्ता सुव्रता वाक्यमब्रवीत्।
एकपत्नीव्रतमिदं को नाशयितुमिच्छति॥ १६॥
अनुवाद
'अंजना उत्तम व्रतों का पालन करने वाली पतिव्रता स्त्री थी। अतः उस अवस्था में वह घबराकर बोली - 'कौन मेरा सतीत्व नष्ट करना चाहता है?'॥16॥
‘Anjana was a chaste woman who observed the best vows. So, being in that state, she panicked and said, “Who wants to destroy my chastity?”॥16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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