श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 60: सम्पाति की आत्मकथा  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  4.60.19 
गृध्रौ द्वौ दृष्टपूर्वौ मे मातरिश्वसमौ जवे।
गृध्राणां चैव राजानौ भ्रातरौ कामरूपिणौ॥ १९॥
 
 
अनुवाद
‘मैंने पहले वायु के समान वेगवान दो गिद्ध देखे थे। वे भाई थे और इच्छानुसार कोई भी रूप धारण कर सकते थे। वे गिद्धों के राजा भी थे॥19॥
 
‘I have earlier seen two vultures as swift as the wind. They were brothers and could take any form they wished. They were also the kings of vultures.॥19॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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