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ramayan 4.58.9: हे गिद्धराज! यदि आप जटायु के भाई हैं, यदि आपने मेरी बात सुनी है और यदि आप उस राक्षस के निवास स्थान को जानते हैं, तो हमें बताइए॥9॥   |   ramayan सर्ग 4.58: सम्पाति का अपने पंख जलने की कथा सुनाना, सीता और रावण का पता बताना तथा वानरों की सहायता से समुद्र-तट पर जाकर भाई को जलाञ्जलि देना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 58: सम्पाति का अपने पंख जलने की कथा सुनाना, सीता और रावण का पता बताना तथा वानरों की सहायता से समुद्र-तट पर जाकर भाई को जलाञ्जलि देना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  4.58.9 
जटायुषो यदि भ्राता श्रुतं ते गदितं मया।
आख्याहि यदि जानासि निलयं तस्य रक्षस:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
हे गिद्धराज! यदि आप जटायु के भाई हैं, यदि आपने मेरी बात सुनी है और यदि आप उस राक्षस के निवास स्थान को जानते हैं, तो हमें बताइए॥9॥
 
O vulture king, if you are Jatayu's brother, if you have heard what I have said and if you know the residence of that demon, then tell us.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)