Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.58.28-29: चौथे मार्ग से बाज़ और पाँचवें मार्ग से गिद्ध उड़ते हैं। सुन्दरता, बल और पराक्रम से संपन्न तथा यौवन से विभूषित हंस छठे मार्ग से उड़ते हैं। गरुड़ उनसे भी ऊँचा उड़ते हैं। हे महावानरों! हम सब गरुड़ से उत्पन्न हुए हैं। | ramayan सर्ग 4.58: सम्पाति का अपने पंख जलने की कथा सुनाना, सीता और रावण का पता बताना तथा वानरों की सहायता से समुद्र-तट पर जाकर भाई को जलाञ्जलि देना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
चौथे मार्ग से बाज़ और पाँचवें मार्ग से गिद्ध उड़ते हैं। सुन्दरता, बल और पराक्रम से संपन्न तथा यौवन से विभूषित हंस छठे मार्ग से उड़ते हैं। गरुड़ उनसे भी ऊँचा उड़ते हैं। हे महावानरों! हम सब गरुड़ से उत्पन्न हुए हैं।
‘Hawks fly through the fourth path and vultures through the fifth. Swans, who are blessed with beauty, strength and valour and adorned with youth, fly the sixth path. Garuda flies even higher than them. O great monkey-heads! We all are born from Garuda.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥