श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 58: सम्पाति का अपने पंख जलने की कथा सुनाना, सीता और रावण का पता बताना तथा वानरों की सहायता से समुद्र-तट पर जाकर भाई को जलाञ्जलि देना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  4.58.2 
यवीयान् स मम भ्राता जटायुर्नाम वानरा:।
यमाख्यात हतं युद्धे रावणेन बलीयसा॥ २॥
 
 
अनुवाद
वानरों! तुम जिसे रावण के युद्ध में मारा गया कह रहे हो, वह जटायु मेरा छोटा भाई था।
 
Monkeys! The one you are saying was killed in the war by the mighty Ravana, Jatayu, was my younger brother.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)